अपने उद्गार को कागज पर उतारती हूँ
धोखे में रखकर उलझाते हैं कुछ इस तरह, असली चेहरा नकाबों में छुपाते हैं। धोखे में रखकर उलझाते हैं कुछ इस तरह, असली चेहरा नकाबों में छुपाते हैं।
मुश्किल कितनी भी आये हो हार नही मानती थी, हर मुश्किल में मुझे मजबूती से संभालती थी। मुश्किल कितनी भी आये हो हार नही मानती थी, हर मुश्किल में मुझे मजबूती से संभाल...
उदासियों की कालिमा को हटाने के लिए, चलो मिलजुलकर रंगोत्सव हम मनाएं। उदासियों की कालिमा को हटाने के लिए, चलो मिलजुलकर रंगोत्सव हम मनाएं।
हर तरफ रौनकें बहार सी दिखाई पड़ने लगती, जिंदगी में हरियाली सी फिर छा जाती है। हर तरफ रौनकें बहार सी दिखाई पड़ने लगती, जिंदगी में हरियाली सी फिर छा जाती है।
फिर तुम्हें आवाज देंगे और प्रेम गीत गुनगुनायेंगे। फिर तुम्हें आवाज देंगे और प्रेम गीत गुनगुनायेंगे।
एक ठहराव सा जो मेरे चेहरे पर नजर आता है, वह एक लंबे संघर्षों का नतीजा है। एक ठहराव सा जो मेरे चेहरे पर नजर आता है, वह एक लंबे संघर्षों का नतीजा है।
प्रेम का यह सुंदरतम रूप जिंदगी का असली मायने समझाता है। प्रेम का यह सुंदरतम रूप जिंदगी का असली मायने समझाता है।
एहसासों का रुख सदा प्रेम के संग होकर बाँवरी मुझे बनाता है। एहसासों का रुख सदा प्रेम के संग होकर बाँवरी मुझे बनाता है।
हर पेट की क्षुधा बुझाता है वह सदा, उसकी सदा ही रहे इस भूमि पर शान हो। हर पेट की क्षुधा बुझाता है वह सदा, उसकी सदा ही रहे इस भूमि पर शान हो।
विश्वनाथ हो तुम वैद्यनाथ भी तुम, तेरी कृपा से दूर हो जाये संकट हमारी। विश्वनाथ हो तुम वैद्यनाथ भी तुम, तेरी कृपा से दूर हो जाये संकट हमारी।