अपने उद्गार को कागज पर उतारती हूँ
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नफरत दिलों की चलो हम मिटायें, प्यार के रंग में हम रंग जाएं, ईर्ष्या द्वेष क्रोध की होलिका जलाकर, खुशियों के साथ हम चलो होली मनाएं।
निर्णय लेने वक़्त ही साहस की जरूरत होती है,एक बार निर्णय लेने के बाद धीरे धीरे हम लक्ष्य की तरफ बढ़ते ही जाते हैं।