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राजनीति

राजनीति

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लो चुनाव फिर आ गये, वोटों की है जंग

नेता घर-घर घूमते, कुरता पहने तंग।


गली-गली में हो रही, राजनीति की बात

चर्चा अब तो चल रही, देते नेता घात।


चाहे जो करना पड़े, लड़ना बड़ा चुनाव

एक बार जो जीत गये, देना मूछों ताव।


उतरे जब मैदान में, राजनीति के काम

हींग फिटकरी तो लगी, आये ऊँचे दाम।


तिकड़म सारी है भिड़ी, देखो तिल में तेल

बचकर रहना सीखना, वरना तो है जेल।।


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