Rohit Agnihotri
Drama
राह तकती रहीं अपलक,
सांझ की कजरारी आँखें,
सुबह की रतनारी आखें।
राह तकती रहीं...
कितनी अपनी लग...
नासूर
मैं तुझे हार ...
हर सिम्त फैली...
अब सुबह होगी ...
राजनीतिज्ञ और...
उठे दर्द के भाव को छुपा लेती हैं, अपनी झूठी मुस्कान के पीछे। उठे दर्द के भाव को छुपा लेती हैं, अपनी झूठी मुस्कान के पीछे।
आदर हो हर मन में सबका स्त्री का हो सम्मान। मां इतना उपकार करो कि विश्व करे गुणगान।। आदर हो हर मन में सबका स्त्री का हो सम्मान। मां इतना उपकार करो कि विश्व करे गु...
रातों के वह आपके ख्वाब भी, सारे ख्वाब हो गए। रातों के वह आपके ख्वाब भी, सारे ख्वाब हो गए।
सबके साथ प्यार से इज़्ज़त से रहे न कोई मोह, बस करुणा साथ लिए चले जहाँ से। सबके साथ प्यार से इज़्ज़त से रहे न कोई मोह, बस करुणा साथ लिए चले जहाँ से।
सुबह शाम होती थी बस सबसे बातें माँ रोती थी पिता दुखी थे भाई रिश्तों को ढोते थे सुबह शाम होती थी बस सबसे बातें माँ रोती थी पिता दुखी थे भाई रिश्तों...
जमीन जो हर सम्बन्ध के अस्तित्व का केंद्र है। जमीन जो हर सम्बन्ध के अस्तित्व का केंद्र है।
दूर जाती दिखती मंज़िलें थका सा महसूस होता है दूर जाती दिखती मंज़िलें थका सा महसूस होता है
जब चाहे हवस बनाना, उसे उलटा कहनाा। जब चाहे हवस बनाना, उसे उलटा कहनाा।
राम नाम के साथ मेरा आखिरी सफर शुरू होगा राम नाम के साथ मेरा आखिरी सफर शुरू होगा
काबिलियत मुझमें थी कि नहीं... कभी मिलना तसल्ली से ए ज़िंदगी। काबिलियत मुझमें थी कि नहीं... कभी मिलना तसल्ली से ए ज़िंदगी।
मगर काम का गर कुछ है तो बस जरा ऐतबार है वो भी जो अगर ख़ुद पर होता है। मगर काम का गर कुछ है तो बस जरा ऐतबार है वो भी जो अगर ख़ुद पर होता है।
सीने से तुझे लगा कर हर ज़ख्म को मेरे मरहम मिल जाएगा, रूह से रूह का एक पाक सा किस्सा बन सीने से तुझे लगा कर हर ज़ख्म को मेरे मरहम मिल जाएगा, रूह से रूह का एक पाक सा ...
कुछ अदा कुछ हुनर यही रंगमंच है, ज़िन्दगी के रंग हज़ार ज़िंदगी एक रंगमंच है, कुछ अदा कुछ हुनर यही रंगमंच है, ज़िन्दगी के रंग हज़ार ज़िंदगी एक रंगमंच है,
मुझ अविश्वासी का अब कुछ और कहना जरूरी नहीं है न ! मुझ अविश्वासी का अब कुछ और कहना जरूरी नहीं है न !
अंतर्मन में प्रसन्नता की लहरें हिलकोरे मारने लगीं। अंतर्मन में प्रसन्नता की लहरें हिलकोरे मारने लगीं।
एक ऐसा संसार बनाएंगे वहां जहां हाथों में हाथ ले हर मौसम, हर हाल में हम-तुम साथ निभाए एक ऐसा संसार बनाएंगे वहां जहां हाथों में हाथ ले हर मौसम, हर हाल में हम-...
जब भर जाता है उनका मन मुझसे तो बैठकर अक्सर ही तन्हाई में रोता हूं। जब भर जाता है उनका मन मुझसे तो बैठकर अक्सर ही तन्हाई में रोता हूं।
औरत का इंसान नहीं; मूर्ति बने रहना अच्छा है, बहुत अच्छा है। औरत का इंसान नहीं; मूर्ति बने रहना अच्छा है, बहुत अच्छा है।
निःसंकोच दौड़ लगाती हो कभी अपनी धड़कन सुनी की नहीं निःसंकोच दौड़ लगाती हो कभी अपनी धड़कन सुनी की नहीं
वरना किस्मत में, मेरी गम हज़ार रहते हैं ! वरना किस्मत में, मेरी गम हज़ार रहते हैं !