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Rohit Agnihotri

Drama

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Rohit Agnihotri

Drama

राह तकती रहीं अपलक

राह तकती रहीं अपलक

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राह तकती रहीं अपलक,

सांझ की कजरारी आँखें,

सुबह की रतनारी आखें।


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