प्यार तेरा मेरा
प्यार तेरा मेरा
तुम हो बारिश की बूंदें,
तो मैं वो माटी जो,
तुम्हें पाते ही खिल जाती!!
हो अगर चाँद तुम,
तो मैं वो सागर की लहरें,
जो तुम्हें पाने की जी - जान कोशिश है करती!!
जैसे बारिश के आते,
हो जाती हरियाली,
ठीक वैसे ही तुम्हें देख,
मेरे रोम -रोम में,
खुशहाली आ जाती!!
प्यार तेरा मेरा,
बड़ा ही निराला,
लड़ते -झगड़ते ,
पर फिर भी एक दूसरे को देख - देख जीते,
बिन बोले एक - दूसरे की बातें समझ लेते,
जुड़े है दिल के तार जो इतने गहरे!!
माना की तुम बोलते कम हो,
बयां करना आता नहीं,
पर तुम्हारी चुप्पी से हो गया मुझे इतना प्यार,
की अब हमें बोलना आता नहीं!!
हर संभव कोशिश हो करते,
लाने को मेरे चेहरे पर मुस्कान,
पर तुम्हारी मुस्कान ही,
है मेरी मुस्कान,
आज भी कायल है हम उसके,
जब भी आपके चेहरे पर आती,
मेरे दिल की धड़कने गुनगुनाती !!
तुम्हारे ख़याल से,
जुड़ गया ऐसा नाता,
हमेशा संग मेरे रहता,
पर जुबान पर कभी न आ पाता!!
तुमसे मिले तो जाना,
पहेली नज़र का प्यार किसे है कहते,
हम तो रह गए देखते ,
दिल गया गुन- गुनाते,
क्यूंकि दिल को,
उसका हकदार जो मिल गया था!!
मैंने दिल से कहा,
चल धीरे -धीरे जरा ,
पर वो दौड़ता ही गया,
तुम्हारी ओर,
अंत में बस यही है कहना,
अब ये दिल तो है मेरा,
पर इस दिल की धड़कन बन गए हो आप!!

