SHREYA BADGE
Romance Fantasy
कभी तो शाम ढले अपनी आँखों में सँवर जाने दे,
मेरे सनम तेरी चाहत में मुझे बिखर जाने दे...
तुझे तकता रहूं फ़क़त और कोई काम ना हो,
इश्क़ में तेरे मुझे हर हद से गुज़र जाने दे..!
ज़ख्म गहरे कर...
बकवास किया
जायेंगे.
दुआ कबूल होती...
बेटियो का संघ...
गुजर गया..
हो सकता है..
तलबगार हो गए....
क्या क्या लिख...
चुना मैंने..
प्रेम- रंग कभी फीका न होगा, बीत जाए चाहे उम्र हमारी। प्रेम- रंग कभी फीका न होगा, बीत जाए चाहे उम्र हमारी।
राधा को ढूंढे, ढूंढे कृष्ण मुरारी, उड़ावे गुलाल चलावे पिचकारी। राधा को ढूंढे, ढूंढे कृष्ण मुरारी, उड़ावे गुलाल चलावे पिचकारी।
नश नश में भर दे प्यार बाहों में मुझे जकड़ के। नश नश में भर दे प्यार बाहों में मुझे जकड़ के।
तेरी एक झलक न पाऊँ तो दिन खाली खाली सा लगता है। तेरी एक झलक न पाऊँ तो दिन खाली खाली सा लगता है।
गोरी हर्षित हो रही पाकर मनचाहा उपहार मौसम की मीठी अंगड़ाई होली का त्यौहार। गोरी हर्षित हो रही पाकर मनचाहा उपहार मौसम की मीठी अंगड़ाई होली का त्यौहार।
बचे केमिकल रंग से, कर देते बीमार। प्राकृतिक रंग ही सदा,खुशियों का उपहार। बचे केमिकल रंग से, कर देते बीमार। प्राकृतिक रंग ही सदा,खुशियों का उपहार।
मेरी रंग भरी चुनरी में कैद हो जाएगा तू आने वाले हर क्षण, हर साल। मेरी रंग भरी चुनरी में कैद हो जाएगा तू आने वाले हर क्षण, हर साल।
तो आजा खेलें फिर होली एक दूजे को अपना माने। तो आजा खेलें फिर होली एक दूजे को अपना माने।
प्यारी होली आयी रे, तो बोलो होली है, की स र सर सर होली हैं।। प्यारी होली आयी रे, तो बोलो होली है, की स र सर सर होली हैं।।
अंग अंग गाए मल्हार, फागुन ने कर दिया मलंग, आ सजना खेलूँगी होली तेरे संग। अंग अंग गाए मल्हार, फागुन ने कर दिया मलंग, आ सजना खेलूँगी होली तेरे ...
मैं अपनी जिंदगी का एक हिस्सा बना लेता काश ! तुम भी एक खुली किताब होती। मैं अपनी जिंदगी का एक हिस्सा बना लेता काश ! तुम भी एक खुली किताब होती।
जैसे आएगा रंग ले के ब्रज में वैसे ही वापस जाएगा। जैसे आएगा रंग ले के ब्रज में वैसे ही वापस जाएगा।
इश्क को जितना छुपाओ ये उतना मचलता है , ना जाने क्यूँ बार - बार हसरतों का दौर चलता है ? इश्क को जितना छुपाओ ये उतना मचलता है , ना जाने क्यूँ बार - बार हसरतों का दौर चल...
चला रहे हैं सारे बृभांड, प्रभु तु सबसे बड़ा कलाकार। चला रहे हैं सारे बृभांड, प्रभु तु सबसे बड़ा कलाकार।
सखी री ऐसे मनी मेरी होरी रे ।।। नैन मिले फागुन में पिय से घर भीर बड़ी थी तब मोरी। सखी री ऐसे मनी मेरी होरी रे ।।। नैन मिले फागुन में पिय से घर भीर बड़ी थी तब...
ये मेरा प्रेम है जज़्बात हैं दुआएं हैं तेरे गालों पे हमने रंग जो लगाए हैं।। ये मेरा प्रेम है जज़्बात हैं दुआएं हैं तेरे गालों पे हमने रंग जो लगाए हैं।।
माथे के सिन्दूर में बसा है एक विश्वास, आतुर नयनों में लिए मिलन की आस माथे के सिन्दूर में बसा है एक विश्वास, आतुर नयनों में लिए मिलन की आस
बैठ जाती हो मेरी पलकों की मुंडेर पर और झाँकती हो मेरी आँखें में ! बैठ जाती हो मेरी पलकों की मुंडेर पर और झाँकती हो मेरी आँखें में !
झांकूँ जो दर्पण में, तो दिखता है एक अक्स जानती हूँ , मैं ही हूँ, पर पहचान नहीं पाती। झांकूँ जो दर्पण में, तो दिखता है एक अक्स जानती हूँ , मैं ही हूँ, पर पहचान नह...
पता नहीं कब और कैसे गलतफहमियां बढ़ गई... छोटी-छोटी सी बातें क्यों राई का पहाड़ बन गईं.. पता नहीं कब और कैसे गलतफहमियां बढ़ गई... छोटी-छोटी सी बातें क्यों राई का पहाड़ ...