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Rashi Raut

Romance

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Rashi Raut

Romance

अंदाजा नहींअंदाजा नहीं

अंदाजा नहींअंदाजा नहीं

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अंदाजा नहीं

समुंदर के पास 

जाने के सोच से ही 

डर लग रहा है मुझे

गहराई बहुत है 

ऐसे तुम्हारी 

दोस्ती में 

डूब जाने का डर है मुझे!


बहुत करते हो आप बातें

चुप ना हो जाओ 

डर लग रहा है मुझे

तुमने दोस्ती का हाथ बढ़ाया है

हाथ मिलाने से 

डर लग रहा है मुझे!


हो ना जाए बेरंग 

शाम ढलते ही 

डर लग रहा है मुझे

तुम्हारी दोस्ती के

फूल खिलेंगे 

मुरझाने के सोच से ही

डर लग रहा है मुझे!


मासूम ही है यह मन

फिर भी तूफान 

होने का डर लग रहा है मुझे 

सच कहूं 

मेरे दोस्त

तुम्हारी एक जादू भरी नजर

और तुम्हारी

प्यारी सी दोस्ती से भी 

डर लग रहा है मुझे!


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