STORYMIRROR

प्यार की वो डोर

प्यार की वो डोर

1 min
253


चलो अब प्यार की वो डोरी,

खोल ही देते हैं,

जिसमें होने का वजूद नहीं।


चलो अब रिश्ते की वो,

माला तोड़ ही देते हैं,

जिसमें कुछ खोने का डर नहीं।


સામગ્રીને રેટ આપો
લોગિન

Similar hindi poem from Drama