प्यार--इंतिज़ार कर लूँगी.
प्यार--इंतिज़ार कर लूँगी.
जब भी आना
अपने संग इक
टुकड़ा चाँद..
अंजुली भर चाँदनी..
ख़ुशबू परिजात वाली..
थोड़े एहसास..
थोड़ी सी फिकर..
और थोड़ा
अपनेआप को भी
मेरे लिए लेकर आना
अभी कोई जल्दी नहीं है.. ;
मैं इंतिज़ार कर लूँगी..!!

