प्यार होगा न कम
प्यार होगा न कम
तुम चाहे हमसे कितनी भी दूरी बना लो प्यार होगा न कम
खफा हो जाओ, शिकायतें करो पर इख़्तियार होगा न कम
बदल जाएगा वो मौसम, फिर से मिलेंगे हम कभी ना कभी
परवाह करते रहेंगे हमेशा तुम्हारी यह खुमार होगा न कम
आज तुम मसरूफ हो गए हो, हमें यूँ छोड़कर कहीं और
ये वक्त, ये दौर फिर बदल जाएगा, गुलज़ार होगा न कम
फिर किसी मौसम में, जब होंगे करीब हमारे वो एहसास
धड़कने बढ़ जाएगी पर एहसासों का खुमार होगा न कम
समाज, लोग ,रिश्ते हमारे बीच में आएंगे हमको समझाने
समझेंगे उनकी बातें पर मिलन का ये त्योहार होगा न कम
वादा किया है हमने, तुम संग ही यह राह तय होगी आगे
थोड़ी मुश्किलें तो जरूर आएगी पर इरादा होगा न कम
जानता हूँ तुम्हें अनगिनत शिकायतें तो जरूर होगी हमसे
हर शिकायतों का जवाब देंगे हम पर प्यार ये होगा न कम

