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सोनी गुप्ता

Abstract Romance Fantasy

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सोनी गुप्ता

Abstract Romance Fantasy

प्यार होगा न‌ कम

प्यार होगा न‌ कम

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तुम चाहे हमसे कितनी भी दूरी बना लो प्यार होगा न कम 

खफा हो जाओ, शिकायतें करो पर इख़्तियार होगा न कम


बदल जाएगा वो मौसम, फिर से मिलेंगे हम कभी ना कभी

परवाह करते रहेंगे हमेशा तुम्हारी यह खुमार होगा न कम


आज तुम मसरूफ हो गए हो, हमें यूँ छोड़कर कहीं और

ये वक्त, ये दौर फिर बदल जाएगा, गुलज़ार होगा न कम


फिर किसी मौसम में, जब होंगे करीब हमारे वो एहसास 

धड़कने बढ़ जाएगी पर एहसासों का खुमार होगा न कम


समाज, लोग ,रिश्ते हमारे बीच में आएंगे हमको समझाने

समझेंगे उनकी बातें पर मिलन का ये त्योहार होगा न कम


वादा किया है हमने, तुम संग ही यह राह तय होगी आगे

थोड़ी मुश्किलें तो जरूर आएगी पर इरादा होगा न कम


जानता हूँ तुम्हें अनगिनत शिकायतें तो जरूर होगी हमसे

हर शिकायतों का जवाब देंगे हम पर प्यार ये होगा न कम



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