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S N Sharma

Abstract

4  

S N Sharma

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प्यार की बातें।

प्यार की बातें।

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चाय के साथ हम करते थे वो प्यार की बातें।

बड़ी प्यारी सी लगती  मेरे दिलदार की बातें।

वहां कैंटीन में कॉलेज की तुझसे मिलकर के।

किया करते थे हम कितनी ही बेकार की बातें।

ना कोई अर्थ था और ना कोई पैगाम होता था।

बड़ी ही लगती थी प्यारी वही बेकार की बातें।

अगर दोस्त मेरा तुमसे हंसकर बोल भी लेता।

ज़हर सी लगती थी मुझको मेरे यार की बातें।

ना तुझे प्यार था मुझसे सिर्फ मेरी ही चाहत थी

चाय पी के खिसक लेती छोड़ बेकार की बातें।

मेरे घर जब तेरे पापा जी रिश्ता लेकर आए थे।

मुझे तब याद आई थी हमारी वो सारी मुलाकातें।



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