STORYMIRROR

Gulab Jain

Romance

3  

Gulab Jain

Romance

प्यार भरी यादें

प्यार भरी यादें

1 min
342

फिर तेरी हसीं यादों का बादल छाया

फिर होठों पे वो भूला हुआ नग़मा आया।


वो तेरा चाँदनी में नहाया-सा नूरानी चेहरा,

उस पे लहराती, बल खाती लटों का पहरा।


फिर तेरी खुशबू से लबरेज़ समां याद आया

वो तेरी मदभरी आँखों का नशीला जादू

कोई बतलाए मुझे कैसे करूँ दिल पे काबू।


फिर तेरा हुस्न मेरे ख़्वाब से टकराया

ये दिल धड़कता है तेरे प्यार के सहारे,


गुलशन महकता है तेरे प्यार के सहारे,

फिर तेरे प्यार ने दिल मेरा तड़पाया।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance