परवरिश में गलती
परवरिश में गलती
इकलौता बेटा अभी छोटा है
इसलिए बड़े लाड़ प्यार से पाला है
कितनी भी बड़ी गलती कर दे पर
मां बाप ने सिर्फ पर्दा डाला है
अब बेटे के उम्र के साथ
उसकी गलतियां भी बढ़ गई हैं
गुरूर, घमंड और बदमाशियां
मानो उसके सर चढ़ गई हैं
कोई कहता है कि बेटा
अब हाथ से निकल गया है
तो कोई कहता है कि अब ये
उम्र से भी आगे बढ़ गया है
उस बेटे को बचपन से ही
तुमने सर पर चढ़ा रखा था
उसके हर मनमानियां पूरी कर
उसके जिद को बढ़ा रखा था
गलती तो मां बाप की भी है
समय रहते डांट लगाना चाहिए था
तू छोटा है तो छोटा बन कर रह
ये भी बताना चाहिए था
हां मैं जानती हूं मां बाप का कर्ज
कोई कभी उतार नहीं सकता पर
अगर परवरिश में गलती है तो
बच्चे को कोई और सुधार नहीं सकता।
