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Bindiya rani Thakur

Romance


4.4  

Bindiya rani Thakur

Romance


प्रथम परिचय तुम्हारा

प्रथम परिचय तुम्हारा

1 min 204 1 min 204

मन के किसी कोने में संजो कर रखा है 

आज भी वह पल यहीं कहीं ठहरा हुआ है।


अचानक नहीं था, हमारा मिलना

पूर्व नियोजित था, प्रथम मिलन


सीधे हृदय को छूते हुए से वह तुम्हारे नयन

उदास मौसम को बदल दे जैसे हो सावन


चुपचाप एकटक अबाध गति वो निहारना 

बिन कहे आँखों से ही सब कुछ कह देना 


बारिश की वो धीमी-धीमी सी फुहार 

और इसी बीच तुम्हारा अनकहा प्यार



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