STORYMIRROR

Bindiya rani Thakur

Abstract

4  

Bindiya rani Thakur

Abstract

कुछ ख़ास लम्हे

कुछ ख़ास लम्हे

1 min
559

कुछ ख़ास लम्हें जिंदगी में ऐसे भी होते हैं

जिन्हें याद करके हम दुख में भी हंस देते हैं


एक माँ के लिए उसके बच्चे का पहला कदम हो,

चाहे प्रेमियों के लिए उनका पहला मिलन हो,


या पाया हो किसी ने परीक्षा में अव्वल स्थान 

या कहीं हुए पुरस्कृत या मिला कहीं पर सम्मान 


किसी सफ़र की कोई बेहद ख़ास सी बात 

या फिर किसी अजनबी से पहली मुलाकात 


माँ की मीठी सी झिड़कियां

या पापा का दिया हुआ उपहार 


भाई-बहन के साथ बिताए बचपन की याद 

या दोस्तों के संग सैर सपाटे की बात


हर वो छोटा- सा लम्हा सुकून दे जाता है 

दर्द भरे दिल पर मरहम मल जाता है


कठिन से कठिन दौर भी पार कर जाते हैं

वो हसीन पल हमारा हौसला बन जाते हैं।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract