STORYMIRROR

Manisha Potdar

Drama

5.0  

Manisha Potdar

Drama

प्रकृति

प्रकृति

1 min
2.8K


देखो ओ लोगों

तुम ये काम ना करो

प्रकृति के संंग

खिलवाड़ ना करो


सूरज ने हमको

उजाला दिया है,

धरती नेे हमको

खाना दिया है,

प्रकृति को समझो,

प्रकृति को जानों,

देखो ओ लोगों

तुम यें काम ना करो,

धरती पर गंदगी

फैलाया ना करो ||


मेघों ने हमको

बारिश दी है,

पेड़ों ने हमको

छाया दी है,

प्रकृति को देेखो,

आनंंद से जियो,

देखो ओ लोगों

तुम ये काम ना करो,

धरती का जंगल

काटा ना करो,

प्रकृति के संंग

खिलवाड़ ना करो ||


नदियों ने हमको पानी दिया है,

पानी ने हमारी

प्यास बुझाई है

विश्व को जानो,

प्रकृति को पहचानो,

देखो ओ लोगों

तुम ये काम ना करो,

अनजाने से नदियों में

कुछ डाला ना करो,

प्रकृति के संंग

खिलवाड़ ना करो ||


प्रकृति ने हमको

जीवन दिया है,

विश्व ने हमको

जीना सीखाया है

विश्व को संभालो,

धरती को सजाओ,

देखो ओ लोगों

तुम ये काम ना करो,

धरती का संतुलन

बिगड़ाया ना करो,

प्रकृति के संंग

खिलवाड़ ना करो ||


चाँद ने हमको

शीतलता दी है,

रात ने हमको

चाँदनी दी है,

प्रकृति को देेखो,

प्रकृति को समझो,

देखो ओ दीवानो

तुम ये काम ना करो,

जीवन नशे में

जिया ना करो,

प्रकृति के संंग

खिलवाड़ ना करो ||


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama