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Sonias Diary

Drama

5.0  

Sonias Diary

Drama

प्रिय संस्कार

प्रिय संस्कार

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कीचड़ उछल रहे हैं

बातें बिगड़ रही हैं


तोहमतें लग रही हैं

तन और मन भी तो

क्रोधित हो रहे हैं..


फिर भी हम

चुप हैं

सिर्फ,

आप हैं इसीलिए

हम चुप हैं।।



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