प्रेम
प्रेम
तुम्हारा न होते हुए भी,
सिर्फ तुम्हारा होना प्रेम है..!
तुमसे दूर रह कर भी,
तुम्हारे करीब रहना प्रेम है..!
लाखो चेहरे देखने के बाद भी
तुम्हारे चेहरे को खुद में देखना प्रेम है..!
उम्मीदें टूट जाने पर भी,
सिर्फ तुम से ही उम्मीद करना प्रेम है।
तुम्हें शायद हुआ नहीं,
पर मुझे तुमसे प्रेम है...।

