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Dr. Chanchal Chauhan

Romance Others

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Dr. Chanchal Chauhan

Romance Others

प्रेम दरवाज़े पर दस्तकभीतर से देता है

प्रेम दरवाज़े पर दस्तकभीतर से देता है

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प्रिय, तुम्हारी उम्र बढ़ती जाएगी,  

लेकिन इश्क में कहां उम्र का तकाज़ा है ,

लेकिन तुम्हारे प्यार का जुनून,

तुम्हारी यादें, तुम्हारी महक,  

तुम्हारी मुस्कान, तुम्हारी वाणी,

सब कुछ मेरे दिल में आज भी ,

 पहले की भांति जिंदा है ,

मैं तुम्हारा हूँ, तुम मेरी हो,  

यही प्रण हम दोनों के,

 विश्वास और सहयोग का आधार ,

जो आज भी मुझे सही राह पर,

निखार रहा है,

तुम्हारा प्यार मेरी,

आशा का स्रोत है,

तुम्हारे साथ जीना,

मेरा सबसे बड़ा सौभाग्य है।


तुम्हारे दिल के द्वार की दस्तक, 

भीतर से मेरे दिल को छू जाती है,

तुम्हारी आँखें मेरे जीवन का अर्थ हैं,

तुम्हारी मुस्कान मेरे दिन का सूरज है,

तुम्हारा प्यार मेरी आत्मा का आधार है।


तुम्हारे साथ रहना,

 मेरी जीवन की सबसे बड़ी खुशी है,

तुम्हारे प्यार में,

मैं अपना जीवन जीती हूं,

कहते हैं की प्रेम ही,

समर्पण तथा विश्वास का आधार है,

इसलिए,

 प्रेम दरवाज़े पर दस्तक,

भीतर से देता है, बाहर से नहीं।



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