पिया
पिया
प्यार ये तूने कैसा किया है
नींद ने भी धोखा दिया है,
रतजगों का तूने तोह्फ़ा दिया है
तेरी यादों को सिरहाना बना कर
तकिये को सीने से लगाकर
तुझको आँखों में बसाकर
रात भर में प्यार करूँ !
ओ सजना
तारों भरी रात मैं
जागूँ तेरी याद मैं
छत पे तन्हा लेट कर ,
आँचल को उंगलियों मैं
लपेट कर
चाँद को ताका करूँ
पवन तन को जलाए,
विरह की अगन बढ़ाए
पीर अब सही न जाये
कंगना भी मुहँ चिढाये
राह निहारा करूँ
करवट करवट सलवट सलवट
ठंडी आहें भरुँ
नैनों मैं अश्क भरकर
चाँदनी मै भीगा करूँ!
तू बड़ा है निर्मोही पिया
काहे को परदेस गया
याद मैं मे तिल तिल जलूँ,
जीयूँ ना मैं मरुँ
आइने से पर्दा करूँ !
तारों भरी रात मैं
जागूँ तेरी याद मैं
छत पे तन्हा लेट कर
आँचल को
उँगलियों में लपेट कर
चाँद को ताका करूँ।

