STORYMIRROR

Deepu Bela

Drama

3  

Deepu Bela

Drama

फूल खिला था..!

फूल खिला था..!

1 min
262

दिल के बागीचे में एक फूल

जो खिला था।

क्यूं कि वो जो मिला था

महक उठा मेरा ये सारा जहां था।


क्यूंकि जिंदगी को नया रंग जो मिला था

भौरों ने भी शोर बहोत मचाया था।

क्योंकि जिंदगी में शहद जो घुला था

लेकिन लेकिन

था तो वो महज एक फूल ही

शाम ढलते ही मुरझा गया

बिलकुल मेरी तरहा।


क्यूं कि वो जा चुका था और

जिंदगी में अंधेरा छा जो चुका था।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama