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अजय '' बनारसी ''

Tragedy

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अजय '' बनारसी ''

Tragedy

पहला कदम

पहला कदम

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जब अपना

पहला कदम

बढ़ाया था बेटी ने

निश्चिंत थी और

मुस्कराते हुये

चहचाहते लड़खड़ाते

चलना सीखा था ,

बाँहों में झूलकर

विश्वास था

उस छोटी सी

बच्ची को

अपने पिता पर

कि वह उसे नीचे गिरने

कभी नहीं देंगे

काश !!!!

यही विश्वास

उस बेटी ने

एक बार

फ़िर दिखाया होता

अपने पिता पर

अपनी ज़िन्दगी के

बड़े फैसले पर

बढ़ाने से पहले

पहला कदम !



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