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अजय '' बनारसी ''

Abstract Tragedy Inspirational

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अजय '' बनारसी ''

Abstract Tragedy Inspirational

भीड़

भीड़

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किसी भी कार्यक्रम

या व्यक्ति की

सफलता का पैमाना

जितनी प्रसिद्धि

उतनी भीड़


भीड़ जो अनायास

जुट जाती है

किसी के मोह में

किसी के विरोध में

भले ही उस मुद्दे का

कोई लेना देना नहीं हो

निजी जिंदगी 

देश काल परिस्थिति से

फिर भी

प्रायोजित हो जाती है

भीड़

धर्म, संप्रदाय के नाम पर

विचारधारा, झंडे के निशान पर


एक बात समझ आती है 

कभी कभी

जब भी देखता हूँ 

भेड़ को

समझने की कोशिश 

करता हूँ 

मात्रिक गणना में भी

एक जैसे लगते दोनों

भीड़ और भेड़।


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