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अजय '' बनारसी ''

Abstract Inspirational

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अजय '' बनारसी ''

Abstract Inspirational

आदमियत

आदमियत

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भूसे में खोई

सुई

है 

आज का 

हर आदमी

न जाने क्यों

खोया 

परेशान है 

हर आदमी


आदमियत

भूला, शायद

तभी तो पिछड़ा

और 

शान से कहता

प्रगतिशील है

आज का 

हर आदमी



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