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ritesh deo

Abstract

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ritesh deo

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हाईवे

हाईवे

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ये फोर लेन रोड,

ये सिक्स लेन रोड,

बरगदों की लाशों,

पर बिछी हुई रोड,


इधर उधर भागती,

बसें और कारें,

कुचलती सी हुई, 

मरे हुए पाकङ,


दूर दूर तक पसरा,

श्मशान सा वीराना,

कभी इन सङकों,

पर हर कोई था,

हरियाली का दीवाना,


सायं सायं सा मचता,

हरदम शोर,

ये खूबसूरत रास्ते,

न ले जाऐ हमें,

मौत की ओर,


पीपल नहीं थे वो थे,

प्राकृतिक, 

आक्सीजन प्लांट, 


इन की भरपाई ये,

टोल न कर पाऐगें,

आधुनिकता की कीमत,

हम सौ साल चुकाऐंगे ।


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