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Ritu Rose

Abstract

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Ritu Rose

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हिचकी

हिचकी

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आए है हिचकी सताए है हिचकी

तुम्हें याद करता है कोई बताए है हिचकी


बातों में रहते हो तुम यादों में रहते हो तुम

हम अपनी ही दुनिया में हो जाते हैं गुम

आपको बताएं बिल्कुल बात सच्च सी

आए है


रोज तुमसे बातें करते हैं क्यों याद इतना आते हो

ऐसा भी क्या होता है जो रूठ भी तुम जाते हो

मेरे दिल को यही बात खटकी

आए है


मजाक भी अगर करती हूं दिल से लगा लेते हो

पास रहने वाले दूर जाकर सजा देते हो

मना लूंगी आपको एक बार हंस की

आए है

तुम्हें


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