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Riya yogi

Abstract

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Riya yogi

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तुम्हारी तस्वीर

तुम्हारी तस्वीर

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अक्सर तेरी तस्वीरों से बातें कर लिया करते है,

कुछ इस तरह तुमसे बिन मिले ही,


मुलाकातें कर लिया करते है,

अश्कों से भीगा कर तस्वीर तुम्हारी अपना,


दर्द- ए- हाल बयां कर लिया करते है,

जानते है पास नहीं हो तुम मेरे,


फिर भी अपनी बातों में तुम्हारें नाम का

जिक्र कर लिया करते है,


तुम्हें कुछ इस तरह हम याद कर लिया करते है,

और रब से तुम्हारे लिए फरियाद कर लिया करते है।


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