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Uma Bali

Abstract

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Uma Bali

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मेरा देश

मेरा देश

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मातृभूमि,पितृभूमि,

धर्म भूमि,करम भूमि,

मेरी धरती ,मेरा आकाश,

मेरा देश मेरा विश्वास 


गिरिराज और वादियों का,

नीरनिधी और नदियों का,

मेरा देश,इतिहास है सदियों का

ग्रीष्म ,शिशिर,बसंत,बहार का,


उत्सव ,तीज और त्यौहार का,

मेरा देश,विधाता के उपहार का

रीतियों और रिवाजों का,

आरतियों और नमाज़ों का,


मेरा देश, उन्नत समाजों का

विकसित विज्ञान का,

ज्ञान और अनुसंधान का,

मेरा देश, आन,बान और शान का


शिक्षा और कलाओं का,

शहरों और गाँवों का,

मेरा देश,उभरती प्रतिभाओं का 

अखंडता  समानता का,


मनुष्यता महानता का,

मेरा देश, अनेकता में एकता का

महापुरुषों के मंत्र का,

गीता क़ुरान ग्रंथ का,

मेरा देश,सशक्त लोकतन्त्र का


शान्ति के दूत सा,

शौर्य की मूरत सा,

मेरा देश, योगी अवधूत सा

विश्वगुरु  साकार सा,

मेरा गर्व और प्यार सा,

मेरा देश, मेरा परिवार सा

आगे ही बढ़ता रहे,

हर दिल में यही दुआ पले,

मेरे देश, तू ऐसे ही फूले फले।


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