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Achyut Umarji

Abstract

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Achyut Umarji

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तनख्वाह

तनख्वाह

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एक उम्र हो जाने के बाद...

आज कल के दौर में...

पुरूष हो या स्त्री...

हर कोई काम करने घर के बाहर निकलता है...

हर किसी को उसके बदले...

तनख्वाह मिलती है...।। १ ।।


आपको आपकी तनख्वाह से प्यार है...

मुझे मेरी तनख्वाह से प्यार है...

तनख्वाह हर किसी एक तय तारीख को मिलती है...।। २ ।।


तनख्वाह..

कभी किसी मेहबूब...

या...

मेहबूबा की तरह देर नहीं करती...।। ३ ।।


तनख्वाह ना मिलने पर...

बहुतों के सपने टूट जाते हैं...

एक बार के लिए...

मानो जिंदगी रुक सी जाती है...।। ४।।


फिर एक वक्त आता है...

जहां...

आप की आयु ५८ या ६० पुरे हो जाती है...

और आप रिटायर हो जाते हैं...।। ५।।


और...

हर महीने आपको मिलने आनेवाली...

तनख्वाह...?

मुझे मेरी तनख्वाह से बहुत प्यार है...।। ६ ।।


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