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Riya yogi

Abstract

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Riya yogi

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हमसफ़र ......

हमसफ़र ......

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बिन कहे मेरी हर बात समझ लेते हो,

आँखों में छूपे हर जज्बात समझ लेते हो, 


चेहरे की रौनक देखकर ही तुम मेरी खुशियों की वजह

और गम के हर एहसास समझ लेते हो


न बताए जो मैंने कभी, कैसे हर राज समझ लेते हो।


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