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Amit Singhal "Aseemit"

Abstract Drama Inspirational

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Amit Singhal "Aseemit"

Abstract Drama Inspirational

पेड़

पेड़

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पेड़ हमारी ज़िंदगी का अटूट हिस्सा होते हैं।

हम उन की ही छांव में छोटे से बड़े होते हैं।


पेड़ों के कारण ही हमें शुद्ध हवा मिलती है।

इनके कारण चेहरे पर मुस्कान खिलती है।


इन पेड़ों के मीठे मीठे फल तोड़कर खाते हैं।

हम खुद को सेहतमंद और फुर्तीला पाते हैं।


देख कर पेड़ों की डालियों पर रंग बिरंगे फूल।

खिलते हैं हमारी नीरस फीकी ज़िंदगी के फूल।


पेड़ हमें धैर्य और संयम का पाठ भी सिखाते।

बीज बोकर लंबे समय बाद इन पर फल आते।


पेड़ों ने हमको परिश्रम एवं परोपकार सिखाया।

हर कष्ट सहकर दूसरों के लिए जीना बतलाया।


पेड़ खुद के लिए खास तो कुछ भी नहीं मांगते।

बस खाद पानी देने पर फल छांव हम पर लुटाते।


तुम में फल रूपी योग्यता है तब अहंकारी न बनो।

ये सिखाते कि समय आने पर थोड़ा झुको न तनो।


पेड़ों की तरह विनम्र रहोगे तब पूजनीय भी बनोगे।

अधिक तनोगे एवं निष्फल रहोगे तो हमेशा कटोगे।


पेड़ कहें कि हमें काटने का विचार मन में लाओगे।

हमसे मीठे मीठे फल खाने से वंचित रह जाओगे।


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