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Divyanshi Triguna

Abstract Fantasy

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Divyanshi Triguna

Abstract Fantasy

ओ श्याम, मेरे श्याम,,।

ओ श्याम, मेरे श्याम,,।

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ओ श्याम, मेरे श्याम.......

   यहां पर भीड़ इतनी हैं, क्या तुम हमें ढूंढ पाओगे 

   कहीं हम मिल गए तो क्या, क्या तुम पहचान जाओगे 

ओ श्याम, मेरे श्याम.......

   जहां पर श्याम नाम हो, वही जीवन का धाम हो 

   कहीं हम मिले तो क्या, क्या तुम हमें भूल जाओगे 

ओ श्याम, मेरे श्याम.......

   तेरी राह देखूं सांवरिया, मैं निशदिन ही ओ मन बसिया  

   कभी तुम आओगे मोहन, ये मन ने आसरा लिया

ओ श्याम, मेरे श्याम.......


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