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Madhu Gupta "अपराजिता"

Inspirational

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Madhu Gupta "अपराजिता"

Inspirational

नवमं सिद्धिदात्री माँ

नवमं सिद्धिदात्री माँ

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नवमं सिद्धिदात्री माँ

नाम से ही होता है स्मरण। 

सभी सिद्धियां देने वाली है मां सिद्धिदात्री।।

अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा। 

प्राप्ति प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व है ये सिद्धियां।।


मां अपने भक्तों को समर्थ बनाती। 

देखकर यह सारी सिद्धियां।। 

शिव ने इन्हीं की कर तपस्या और कृपा से। 

पाई थी उनसे अनेकों सिद्धियां।। 


शिव ने आधा रूप नारी का। 

पाया था इन्हीं की कृपा से।। 

कहलाए तब वो अर्द्धनारीश्वर। 

अद्भुत रूप बना तब प्रभु का।। 


है चार भुजाओं वाली मां। 

हाथों में कमल पुष्प आसीन है।। 

जो भी इसको अनंत हृदय से धाता। 

दूर सभी दुख और संकट हो जाते है।।


इनकी सिद्धि और साधना से मानव। 

लौकिक पारलौकिक कामनाओं की करता है पूर्ति।।

मां अपने भक्तों की भक्ति से हो कर खुश। 

मनोकामना सब पूरी है करती।। 



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