नसीब
नसीब
कोई मेरे क़रीब आये
जीवन में वो हबीब आये
मुझको इंसाफ जो दिला दें
कोई ऐसा नजीब आये
सुख कैसे फ़िर मिलता ख़ुशी का
जीवन में पल अजीब आये
हसरत है प्यार करने की ही
ऐसा कोई मुजीब आये
सन्नटा छाता कश्मीर में ही
बस्ती में वो मुहीब आये
टूटे दिल का इलाज कर दें
कोई ऐसा तबीब आये
आया आज़म न दोस्त कोई
जीवन में तो रकीब आये।
आज़म नैय्यर

