STORYMIRROR

aazam nayyar

Abstract Crime Fantasy

4  

aazam nayyar

Abstract Crime Fantasy

हसीन चेहरा

हसीन चेहरा

1 min
244

वो दिखाकर गया है अदा ख़्वाब में 

बन गया प्यार का सिलसला ख़्वाब में 


वो हक़ीक़त में आता नहीं रू ब रू 

सच कहूँ वो मुझे कल मिला ख़्वाब में 


जो मेरे साथ बोला नहीं है कभी 

रात उसनें किया है गिला ख़्वाब में 


और कोई नहीं चेहरा आये नज़र 

ए ख़ुदा वो मिले बस सदा ख़्वाब में 


जो रहा है ख़फ़ा ज़िंदगी भर बहुत

जोड़कर वो गया वास्ता ख़्वाब में 


है कहानी अधूरी मेरे प्यार की 

याद में रोज़ आज़म जला ख़्वाब में।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract