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Dr Lalit Upadhyaya

Tragedy

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Dr Lalit Upadhyaya

Tragedy

नशा नाश करता है

नशा नाश करता है

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कब दवा दारू बन गई,

मुझको पता नहीं।


दर्द ए दिल के बहाने पीता हूँ,

मेरी खता नहीं।


सात सटका चुका हूं,

मुझको सता नहीं।


नशा नाश करता है,

इसमें कोई नफा नहीं। 


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