STORYMIRROR

yogita singh

Inspirational Children

3  

yogita singh

Inspirational Children

नन्ही चिड़िया

नन्ही चिड़िया

1 min
233

एक नन्ही चिड़िया जब इन ऊंची मीनारों को तकती है

वो दीवारें उस पर खूब हँसती है


कहती है दीवारें उस से

तू तो एक छोटी सी चिड़िया है

तुझसे बड़ी मेरे मीनारों की ईटें है

मत देख तू ख्वाब, तेरे बस की बात नहीं

पार करें इन दीवारों को इतनी तेरी औकात नहीं


सुन के बाते ऐसी नन्ही चिड़िया थोड़ी घबराई ,

कुछ सकुचाई

याद उसे फिर वो बाबा की बाते आई

हो हौसला हर जंग जीत सकती है 

रख यकीन खुद पर तू सब कुछ कर सकती है


भरी उड़ान तब उसने पंखों में नया जोश समाया 

उस दीवार से लड़ने का अब उसने है ठाना


किए कई विफल प्रयास उसने पर हार ना मानी

रख यकीन खुद पे उस पार जाने की ठानी

हुआ वहीं को होना था

नन्ही चिड़िया को अपने पंखों पे भरोसा था 

पार कर गई उस मीनार को 

जिसका कद उसके कई गुना था 


झुका सिर शर्म से गुरूर भी उसका टूटा था

इक नन्ही चिड़िया ने जब उस अम्बर को चूमा था



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational