Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

yogita singh

Inspirational


4  

yogita singh

Inspirational


हो कोई ऐसा व्रत

हो कोई ऐसा व्रत

1 min 286 1 min 286

एक स्त्री करती है व्रत त्याग तपस्या 

ताउम्र

कभी पति , कभी पुत्र , कभी परिवार के लिए


क्यों हर बार स्त्रियों को 

तपस्या और त्याग की मूरत बना के

जिम्मेदारियो के बोझ तले दबा कर 

उनकी खुशियों की आहुति चढ़ाई जाती है 


क्या कभी किसी ने सोचा

कोई एक व्रत होना चाहिए उनके लिए भी 

ऐसा व्रत जिसमे पूरी हो उनकी हर मनोकामनाएं

ऐसा ऐसा व्रत जिसके द्वारा वो पा सके 

अपने सपनो को 

अपने अरमानों को ...।


Rate this content
Log in

More hindi poem from yogita singh

Similar hindi poem from Inspirational