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Anumeha Rao

Tragedy

3  

Anumeha Rao

Tragedy

नही होता!

नही होता!

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नहीं होता

यू गुमसुम रहना, 

मैं बोलना चाहती हूँ, 

नहीं होता,

यू मायूस रहना, 

मैं हंसना चाहती हूँ, 

नहीं होता, 

यू बंद रहना, 

मैं उड़ना चाहती हूँ, 

नही हो पाता,

अब कुछ भी सहना, 

मैं लड़ना चाहती हूँ, 

मैं आगे बढ़ना चाहती हूँ।


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