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Rajeev Tripathi

Romance

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Rajeev Tripathi

Romance

नगीना

नगीना

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शाम से ही मेरा दिल ही लगता नहीं

मुझको है बस तेरा इंतज़ार इंतज़ार 

रात होने से पहले आइए

और फ़िर जाइए सुबह होने के बाद

शाम से ही मेरा दिल ही लगता नहीं

मुझको है बस तेरा इंतज़ार इंतज़ार 

मुझको जीने की इक तो वजह दीजिए

अपने आने का मुझको पता दीजिए

क्या करूँ दिल कहीं और लगता नहीं

इक मोहब्बत तुझसे निभाने के बाद

शाम से ही मेरा दिल ही लगता नहीं

मुझको है बस तेरा इंतज़ार इंतज़ार

अपने दिल में मुझे अब बसा लीजिए

मेरी यादों का कुछ तो सिला दीजिए

क्या करूँ दिल कहीं और लगता नहीं

तेरे आने से पहले और जाने के बाद

तुझसे शिकवा भी है और शिकायत भी है

गर मेरी यह गुज़ारिश गुज़ारिश भी है

मान लो तुम इसे इल्तिज़ा इल्तिज़ा

अपने दिल में मुझे बस पनाह दीजिए

शाम से ही मेरा दिल नहीं लगता नहीं

मुझको है बस तेरा इंतज़ार इंतज़ार

रात होने से पहले चले आइए

और फिर जाइए सुबह होने के बाद


तर्ज़ - आज कल याद कुछ और रहता नहीं

फ़िल्म - नगीना



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