Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

"नेग वेग सब छोड़ो रे"

"नेग वेग सब छोड़ो रे"

1 min 409 1 min 409

नेग वेग सब छोड़के बंधु! कुछ अनुपम सा काम करो

ये तो बासी परंपरा हैं नया करो और नाम करो


जब बेटी आए पीहर में ,क्यों जरूरी देना उपहार

मात-पिता से मिलकर भर ले वोअपने जीवन में प्यार


लोक- लीक से हटकर ही बस करे नई पीढ़ी व्यवहार

बेटी बनकर बहू स्वयं सासू से लेवे मां का प्यार


अपने सेवा कर्मों से जीते दिल, कर दे चमत्कार

घिसी पिटी बातों को अब तो करो नहीं कोई स्वीकार


जीवन के दर्पण में देखो छवि ना धुंधली पड़ जाए

बेटी के घर आकर भूखा प्यासा कोई ना जाए


बदलकर रख दो सड़ी गली बातों को जो ना भाती हों

नव आगत सुखप्रद बातों को लाओ जो हर्षाती हों।


Rate this content
Log in

More hindi poem from अंजु लता सिंह

Similar hindi poem from Drama