Anita Sharma
Drama Tragedy
अंधेरों में छुपी हुई
कहानियां शोर करती हैं।
उधड़ जाती है...
रंगीन चीरों की सीवन।
उँगलियों के इशारों पर,
बोलते हैं भाव सारे।
बेज़ुबान कठपुतलियाँ,
बोलती बहुत हैं।
पुस्तक मेला
उलझन
गुमशुदा
नज़्म-ए-जिंदग...
आकांक्षा
इश्क़ रूहानी
जिम्मेदार
भटकना जरूरी ह...
उंगलियाँ
श्रृंगार तेरी...
माँ के रूप में कोई और नहीं, हमने अपने ही ईश्वर को पाया है...! माँ के रूप में कोई और नहीं, हमने अपने ही ईश्वर को पाया है...!
घर बार छोड़ आए तब भी दुआओं से नवाजा माँ तो माँ थी वो हँसती रही मगर ! घर बार छोड़ आए तब भी दुआओं से नवाजा माँ तो माँ थी वो हँसती रही मगर !
तू जहान है मेरा, मान है मेरा, माँ तू प्यार का बहता दरिया है...! तू जहान है मेरा, मान है मेरा, माँ तू प्यार का बहता दरिया है...!
खुद की व्यथा की कथा तो रो रो के सुनाते हैं । पर पंछियों के असहनीय दर्द को देख भी नहीं पाते हैं । खुद की व्यथा की कथा तो रो रो के सुनाते हैं । पर पंछियों के असहनीय दर्द को देख...
छोड़ो बंदिश, भूलो दुनिया, रस्म जलाओ दिल को क्या होता है हासिल सब सहने से ! छोड़ो बंदिश, भूलो दुनिया, रस्म जलाओ दिल को क्या होता है हासिल सब सहने से !
ढूंढ़ने से मिल जाते हैं भगवान हर जगह, न मिले तो तेरे घर में भी तो भगवान की एक मूरत है ! ढूंढ़ने से मिल जाते हैं भगवान हर जगह, न मिले तो तेरे घर में भी तो भगवान की एक म...
मौसम से जल्दी, अब रिश्ते बदलते हैं...! मौसम से जल्दी, अब रिश्ते बदलते हैं...!
अपने माँ के बेटे हम ! माँ को ही दुख देते हम ! जिसके आँचल में खेला आज नही है उसमें दम ! अपने माँ के बेटे हम ! माँ को ही दुख देते हम ! जिसके आँचल में खेला आज नही है उ...
कौन कहता है पत्थर नही रोता रोता तो बहुत है मगर उसके रोने का हमें एहसास नही है होता...। कौन कहता है पत्थर नही रोता रोता तो बहुत है मगर उसके रोने का हमें एहसास नही है...
रात भर मेरे बिस्तर पे सिलवट रही साथ पल कुछ बिताना तेरा काम है रात भर मेरे बिस्तर पे सिलवट रही साथ पल कुछ बिताना तेरा काम है
आज फिर मेरे शब्दों ने, वाह-वाही कमाई है, लगता है शायद, तेरी याद आयी है...! आज फिर मेरे शब्दों ने, वाह-वाही कमाई है, लगता है शायद, तेरी याद आयी है...!
अपने घर की हर मुश्किल झेलकर वह अपना कर्तव्य निभाने आई है; देखो, आज फिर वह औरत दूसरों का घर सजाने आई ... अपने घर की हर मुश्किल झेलकर वह अपना कर्तव्य निभाने आई है; देखो, आज फिर वह औरत दू...
ऐ ख़ुदा काश कुछ ऐसा हो, वो मेरी हो और, मैं उसका होऊँ...! ऐ ख़ुदा काश कुछ ऐसा हो, वो मेरी हो और, मैं उसका होऊँ...!
क्या होता है जब उस, बिटिया की शादी हो जाती है ? क्या होता है जब उस, बिटिया की शादी हो जाती है ?
इसलिए मुझे तेरी गलियों में जाना अब अच्छा नहीं लगता, मुझे तेरी गलियों में जाना अब अच्छा नहीं लगता.... इसलिए मुझे तेरी गलियों में जाना अब अच्छा नहीं लगता, मुझे तेरी गलियों में जाना ...
धरती पे इंसान की उम्र, निश्चय ही बहुत छोटी है...! धरती पे इंसान की उम्र, निश्चय ही बहुत छोटी है...!
अब नहीं है निशान मात्र भी संवेदना के उस काले टीके का, जो लगाया गया था तुम्हें बुरी नज़र से बचाने क... अब नहीं है निशान मात्र भी संवेदना के उस काले टीके का, जो लगाया गया था तुम्हें...
देने मुझे वो हर ख़ुशी इस जहां की, बहुत से दुखो को हर रोज़ सहते है...! देने मुझे वो हर ख़ुशी इस जहां की, बहुत से दुखो को हर रोज़ सहते है...!
मुसीबत दोस्ती भी ग़म खुशी है सियासत को नहीं मतलब अमन से मुसीबत दोस्ती भी ग़म खुशी है सियासत को नहीं मतलब अमन से
बचपन की थी वो बातें जिसकी अब हमे आती है यादे तब तक ही थी खुशियों की सौगाते अब तो टेंशन के मारे कट... बचपन की थी वो बातें जिसकी अब हमे आती है यादे तब तक ही थी खुशियों की सौगाते अब...