STORYMIRROR

Anita Sharma

Drama Tragedy

4  

Anita Sharma

Drama Tragedy

बेज़ुबान

बेज़ुबान

1 min
396

अंधेरों में छुपी हुई

कहानियां शोर करती हैं।


उधड़ जाती है...

रंगीन चीरों की सीवन।


उँगलियों के इशारों पर,

बोलते हैं भाव सारे।


बेज़ुबान कठपुतलियाँ,

बोलती बहुत हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama