Anita Sharma
Abstract
किरदार उलझे से हैं...
पर कहानी तो रवाँ है,
आशिक़ यूँ बुझे से है...
पर आशिक़ी जवाँ है।
पुस्तक मेला
उलझन
गुमशुदा
नज़्म-ए-जिंदग...
आकांक्षा
इश्क़ रूहानी
जिम्मेदार
भटकना जरूरी ह...
उंगलियाँ
श्रृंगार तेरी...
हमने तो कुछ चंद लाइन लिखी, वो इसे राधिका का गीत समझ बैठे। हमने तो कुछ चंद लाइन लिखी, वो इसे राधिका का गीत समझ बैठे।
मायके के प्यार पर, यह सारी नारी वारी है। मायके के प्यार पर, यह सारी नारी वारी है।
या रजो-गमों से बेखोफ जुट जाओ मंजिल की तलाश में। या रजो-गमों से बेखोफ जुट जाओ मंजिल की तलाश में।
तुम्हारे तो इंसानियत से रिश्ते सदा अटूट रहे हैं। तुम्हारे तो इंसानियत से रिश्ते सदा अटूट रहे हैं।
मानो फरिश्ता खुले आसमान से ज़मीन में राग मनोहर गायेंगे। मानो फरिश्ता खुले आसमान से ज़मीन में राग मनोहर गायेंगे।
तुम दूर हो दिल के करीब हो मगर। तुम दूर हो दिल के करीब हो मगर।
प्रकृति को अगर सताओगे तो बसंत कहां से पाओगे। प्रकृति को अगर सताओगे तो बसंत कहां से पाओगे।
काफ़ी है ये अहसास मेरे जीने के लिए। काफ़ी है ये अहसास मेरे जीने के लिए।
तुम जैसे सर्पों से बेहतर इसको अकेला रहना ही अच्छा लगा। तुम जैसे सर्पों से बेहतर इसको अकेला रहना ही अच्छा लगा।
मन को मिला अति सुकून यहां, नहीं शेष भाव कोई ज्वलंत। मन को मिला अति सुकून यहां, नहीं शेष भाव कोई ज्वलंत।
मिटे कचोट न लेकिन फिर भी, छूट गया बचपन मतवाला। मिटे कचोट न लेकिन फिर भी, छूट गया बचपन मतवाला।
आधे से ज्यादा रिश्ते आस्तीन के सांप होते हैं। आधे से ज्यादा रिश्ते आस्तीन के सांप होते हैं।
मैच हो या जिंदगी, खेल, खेल सा खेलना चाहिये। मैच हो या जिंदगी, खेल, खेल सा खेलना चाहिये।
अपनी मिट्टी, वतन ये अपना, सौ माँओं की ये महतारी। अपनी मिट्टी, वतन ये अपना, सौ माँओं की ये महतारी।
हमको थोड़ा और वक्त स्कूल में बिताना स्कूल में। हमको थोड़ा और वक्त स्कूल में बिताना स्कूल में।
ख्वाबों में महसूस किया है प्यार को तिलस्मी मान लिया है। ख्वाबों में महसूस किया है प्यार को तिलस्मी मान लिया है।
सदियों तक झिलमिलाता रहेगा वसुधा के वक्ष पर अमर अजर सा। सदियों तक झिलमिलाता रहेगा वसुधा के वक्ष पर अमर अजर सा।
वह मुझे मैं उसे हर बार शिकस्त देने की सोचता हूँ। वह मुझे मैं उसे हर बार शिकस्त देने की सोचता हूँ।
अब उम्र किरायेदारी वाली हम तो रहे बिताय। अब उम्र किरायेदारी वाली हम तो रहे बिताय।
मेरा दर्द, बेदर्द ज़मानेवाले तुम क्या जानोगे। मेरा दर्द, बेदर्द ज़मानेवाले तुम क्या जानोगे।