I am freelance designer by profession and a novice writer.I have done masters in Business Administration.
पर अंत में मिलेगा एक कोना एक तय वक़्त...गहरी नींद को पर अंत में मिलेगा एक कोना एक तय वक़्त...गहरी नींद को
आशिक़ यूँ बुझे से है... पर आशिक़ी जवाँ है। आशिक़ यूँ बुझे से है... पर आशिक़ी जवाँ है।
कभी दूर जाते हुए उम्मीदों को तो कभी छिले हुए घुटनों को ! कभी दूर जाते हुए उम्मीदों को तो कभी छिले हुए घुटनों को !
तुम्हें हर चेहरे पर नये मुखौटे मिलेंगे, उन मुखौटों पर कितने भाव खिलेंगे, तुम्हें हर चेहरे पर नये मुखौटे मिलेंगे, उन मुखौटों पर कितने भाव खिलेंगे,
तुम आना मुझ तक जताना प्रेम। तुम आना मुझ तक जताना प्रेम।
सूरज निकला उम्मीदों का सवेरा आया गहराती सी शाम की चांदनी ने लुभाया। सूरज निकला उम्मीदों का सवेरा आया गहराती सी शाम की चांदनी ने लुभाया।
क्या ठग लिया गया या लौट आया स्वतः ही ! क्या ठग लिया गया या लौट आया स्वतः ही !
एक विषादपूर्ण लेकिन अर्थपूर्ण सत्य एक विषादपूर्ण लेकिन अर्थपूर्ण सत्य
बिन जुबां कितना कुछ बोलती हैं उंगलियाँ निष्पक्ष ज़हन के राज़..खोलती हैं उंगलियाँ। बिन जुबां कितना कुछ बोलती हैं उंगलियाँ निष्पक्ष ज़हन के राज़..खोलती हैं उंगलिया...
थाम कर तेरे प्रीत की सतरंगी चुनर, मैं हर मौसम जीवन में बसंत खिलाती हूँ। थाम कर तेरे प्रीत की सतरंगी चुनर, मैं हर मौसम जीवन में बसंत खिलाती हूँ।