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नए वर्ष की आशा

नए वर्ष की आशा

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तुम प्राण मेरी तुम त्राण मेरी

उर की हलचल औ जान मेरी

मन तरस रहा जिसको प्रतिपल

तुम वो प्यारी अभिलाषा हो

तुम नए वर्ष की आशा हो ।


तुमने मुझको है प्यार दिया

और अपना सब कुछ वार दिया

है साँस साँस में ऋण तेरा

तूने इतना कुछ मुझे दिया

तुम्हीं तो सदा मेरे जीवन में

करती दूर निराशा हो

तुम नए वर्ष की आशा हो ।


जीवन में मुस्कान है तुझसे

मेरे सब अरमान है तुझसे

तुम मधुर मधुर कोमल कोमल

और हो स्वभाव से अति चंचल

तुम मेरे इस जीवन तरु की

हर पात और हर इक शाखा हो

तुम नए वर्ष की आशा हो ।


मैं खोज रहा था जब हाला

जब हाथ लिए खाली प्याला

तुम आई किसी अप्सरा सी

मैं तुरत हो गया मतवाला

तुम ही मदिरा तुम ही प्याला

और मेरी मदिरा पिपासा हो

तुम नए वर्ष की आशा हो ।।


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