Dr.Padmini Kumar
Classics
पहाड़ पर बरसाती हूं
झरना बनकर गिरती हूं।
समतल पर बहती हूं
जीव-जंतुओं से मिलती हूं।
धीरे-धीरे विदा लेती हूं
सागर में डूबती हूं।
ढेर सारे संपत्ती।
परिवार
गाँव की महिला...
छुट्टियाँ
चलते काल चक्र...
लोकतंत्र का त...
पाँच उँगलियाँ...
हवाई अड्डे मे...
परीक्षा
काला सोना
विद्यार्थी जी...
हाथ जोड़ कर करूँ नमन, ए नारी कितनी महान है तू। हाथ जोड़ कर करूँ नमन, ए नारी कितनी महान है तू।
क्या गदा कौमोदकी कर में सुशोभित ही रहेगी? या किसी व्यभिचार के विपरीतता में भी उठेगी? अब तुम्हारा र... क्या गदा कौमोदकी कर में सुशोभित ही रहेगी? या किसी व्यभिचार के विपरीतता में भी उ...
खेल किया था देश की एकता से, किया था ये गुनाह बड़ा, देश था हमारा नहीं था कोई, मयखाना ये किसी साकी का... खेल किया था देश की एकता से, किया था ये गुनाह बड़ा, देश था हमारा नहीं था कोई, मय...
बनो जागरूक देश के वासी अपने देश की रक्षा करो। बनो जागरूक देश के वासी अपने देश की रक्षा करो।
तू करने क्या आया था, कर क्या बैठा तू ! तू करने क्या आया था, कर क्या बैठा तू !
क्यों श्रावण इतना फीका है ये कैसी पीड़ा की ऋतु है क्यों श्रावण इतना फीका है ये कैसी पीड़ा की ऋतु है
सम्राट सुरों का रफ़ी, अजब-ग़जब फ़नकार रब का आशीर्वाद है, रब का है उपहार सम्राट सुरों का रफ़ी, अजब-ग़जब फ़नकार रब का आशीर्वाद है, रब का है उपहार
इतिहास गवाही देता जिसकी, कथा फिर आज सुनाता हूँ, खेल की बात नहीं जो हमने, तिरंगा ये फहराया है। दिल ... इतिहास गवाही देता जिसकी, कथा फिर आज सुनाता हूँ, खेल की बात नहीं जो हमने, तिरंगा...
पर मेरी प्रीत..बस मेरी जीत पर मेरी प्रीत..बस मेरी जीत
शतदल पर मां सदा विराजे। वीणा, पुस्तक कर में साजे। धवल वर्ण तन श्वेत वसन है- स्फटिकमालिका ग्रीवा छ... शतदल पर मां सदा विराजे। वीणा, पुस्तक कर में साजे। धवल वर्ण तन श्वेत वसन है- स...
कभी रौशनी से घिरी डगर है जिंदगी, कभी मुश्किलों से भरा सफर है जिंदगी।। कभी रौशनी से घिरी डगर है जिंदगी, कभी मुश्किलों से भरा सफर है जिंदगी।।
व्योम ने संचित किया जिसको पयोधर वक्ष में व्योम ने संचित किया जिसको पयोधर वक्ष में
जिसका जैसा कर्म है प्यारे वो वैसा ही पाता है जादू है ज़िन्दगी साहेब रोज़ तमाशा होता है। कोई रेखा... जिसका जैसा कर्म है प्यारे वो वैसा ही पाता है जादू है ज़िन्दगी साहेब रोज़ तमाश...
आज प्यार की वो बात कर ही दो, अपने इश्क का इजहार कर ही दो। आज प्यार की वो बात कर ही दो, अपने इश्क का इजहार कर ही दो।
प्रकृति की है छंटा निराली, अविरल सुंदर सा उपहार। प्रकृति की है छंटा निराली, अविरल सुंदर सा उपहार।
प्यारा सजा दरबार मां तेरे भवन में आऊं देखूं मूरत में तेरी चरणों में शीश झुकाऊं। प्यारा सजा दरबार मां तेरे भवन में आऊं देखूं मूरत में तेरी चरणों में शीश झुका...
भला करुंगी क्या अपना तन वापस पाकर कहो, अगर फिर हुई तिरस्कृत तो क्या होगा जिसने वचन भरे थे, उसने ही... भला करुंगी क्या अपना तन वापस पाकर कहो, अगर फिर हुई तिरस्कृत तो क्या होगा जिसने...
आडंबर कटुता विषता का छोड़ें हम सब दामन, समरसता व सद्भाव से ख़ुशियों का हो आगमन। निजस्वार्थ की भावन... आडंबर कटुता विषता का छोड़ें हम सब दामन, समरसता व सद्भाव से ख़ुशियों का हो आगमन।...
" नवाचार हो, निर्विकार हो करतल ध्वनि से उद्बोधन नव्य ऋतु का अभिनंदन नव्य ऋतु का अभिनंदन " " नवाचार हो, निर्विकार हो करतल ध्वनि से उद्बोधन नव्य ऋतु का अभिनंदन नव्य ऋतु ...
इनका तुम सम्मान करो, हाथ जोड़कर इन्हें प्रणाम करो। इनका तुम सम्मान करो, हाथ जोड़कर इन्हें प्रणाम करो।