Dr.Padmini Kumar
Classics
पहाड़ पर बरसाती हूं
झरना बनकर गिरती हूं।
समतल पर बहती हूं
जीव-जंतुओं से मिलती हूं।
धीरे-धीरे विदा लेती हूं
सागर में डूबती हूं।
ढेर सारे संपत्ती।
हवाई अड्डे मे...
परीक्षा
काला सोना
विद्यार्थी जी...
जीवन यात्रा ज...
विश्व पटल पर ...
सोना
रथोत्सव
धूल
शिक्षा
कुछ कुछ ऐसी ही यारियां दफ्तरों में भी पलती हैं। कुछ कुछ ऐसी ही यारियां दफ्तरों में भी पलती हैं।
बुझती नहीं ये प्यास, मिथक में इस जीवन के, भरने को यह आधा ग्लास। बुझती नहीं ये प्यास, मिथक में इस जीवन के, भरने को यह आधा ग्लास।
चलो कुछ "ताली" उसके नाम कर दें चलो आज उसको भी "सलाम" कर दें। चलो कुछ "ताली" उसके नाम कर दें चलो आज उसको भी "सलाम" कर दें।
यदि नहीं मिले लिखने को शब्द, करि बंद कलम हद में रहना। यदि नहीं मिले लिखने को शब्द, करि बंद कलम हद में रहना।
सिर्फ सोचने कहने से नहीं, दिल से यह वादा निभाना है। सिर्फ सोचने कहने से नहीं, दिल से यह वादा निभाना है।
तकरार में तुम याद रखना, ये लड़की मेरे प्यार को अपना प्यार छोड़ आई है। तकरार में तुम याद रखना, ये लड़की मेरे प्यार को अपना प्यार छोड़ आई है।
तेरे दीदार को तरसती आँखों के समुद्र भी सूखने लगे। तेरे दीदार को तरसती आँखों के समुद्र भी सूखने लगे।
मुश्किल राहों पर चलना सिखाती है खामोशियां तन्हाइयां। मुश्किल राहों पर चलना सिखाती है खामोशियां तन्हाइयां।
इन पर विजय पा ली जिसने समाज में वही नायक कहलाते हैं। इन पर विजय पा ली जिसने समाज में वही नायक कहलाते हैं।
नयी जिन्दगी की शुरुआत तो थी हमको हमसफ़र बनना था। नयी जिन्दगी की शुरुआत तो थी हमको हमसफ़र बनना था।
कमबख्त कैसा है यह इंसान, जो बिना नींद के सो गया। कमबख्त कैसा है यह इंसान, जो बिना नींद के सो गया।
कितने भी हो मजबूत रिश्ते शक की दीवार इनको तोड़ने में पल भर का वक्त लेती है। कितने भी हो मजबूत रिश्ते शक की दीवार इनको तोड़ने में पल भर का वक्त लेती है।
सिस्टम को बिना साथ लिए नामुमकिन है धोखा देना। सिस्टम को बिना साथ लिए नामुमकिन है धोखा देना।
तन्हा हूँ, गुमनाम सा, हैं खाली खाली हाथ, है परेशान "रवि" बहुत, कोई नहीं है साथ। तन्हा हूँ, गुमनाम सा, हैं खाली खाली हाथ, है परेशान "रवि" बहुत, कोई नहीं है सा...
तुम कभी इंतज़ार ना करो जरूरी तो नहीं कि तुम भी मुझसे प्यार करो। तुम कभी इंतज़ार ना करो जरूरी तो नहीं कि तुम भी मुझसे प्यार करो।
उसे इबादत बनाना था पर मिलने से पहले हमारा बिछड़ना तय था। उसे इबादत बनाना था पर मिलने से पहले हमारा बिछड़ना तय था।
उनका समाहित हो जाना ही जग को खुशी दे पाता है। उनका समाहित हो जाना ही जग को खुशी दे पाता है।
तेरी बेटी की ऊंची डॉक्टर बन गई पापा जरा आंँखें खोल के देखो मेरे पापा। तेरी बेटी की ऊंची डॉक्टर बन गई पापा जरा आंँखें खोल के देखो मेरे पापा।
वो पिता हैं जो अपने हर बच्चे के हीरो होते हैं। वो पिता हैं जो अपने हर बच्चे के हीरो होते हैं।
सफलता की संभावना भी दिखलाती है। सफलता ही मनुष्य में चेतना भी जगाती है। सफलता की संभावना भी दिखलाती है। सफलता ही मनुष्य में चेतना भी जगाती है।