STORYMIRROR

Om Prakash Fulara

Abstract

3  

Om Prakash Fulara

Abstract

नैतिकता

नैतिकता

1 min
197

नैतिकता आवरण है

मानवीय मूल्यों का

जो छाया रहता है

मानव मन पर।


आज मानव मन

घिरा हुआ है

लोभ मोह के घेरे में

उड़ने की सोच रहा

लगा नित नए पर।


कर्म विमुख

कर्तव्य विमुख

स्व माया में घिरा मन

कहाँ ढूँढते नैतिकता

आज बड़ों का सम्मान


छोटों के प्रति प्यार

नारी का सम्मान

सकल जगत परिवार

ये सब प्रतीक

जो नैतिकता के हैं


धूमिल हो चले

बस बचा है

सिर्फ स्वार्थ में घिरा मन

जो देता बस उपदेश।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract