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Vivek Gulati

Abstract Inspirational

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Vivek Gulati

Abstract Inspirational

नारी शक्ति

नारी शक्ति

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जननी, बहन, साथी, प्रेमिका, पत्नी, बेटी...

जो भी हो इसका रूप, शक्ति का है स्वरूप।

छोड़ अपनी फिक्र, रहती सबके लिए परेशान

जिसने की औरत की इज्जत, वो ही सच्चा इंसान।

कमज़ोर समझने की कभी न करना भूल,

सहनशक्ति है सर्वाधिक, जग ने किया कबूल।

परिवार, घर, रिश्तों का भार उठाती है,

आप सफल हों, हर पल यही मानती है।

भेदभाव ना रख , अगर सहयोग देंगे

सबसे आगे निकलेगी, फिर तो मानेंगे।

सर्वश्रेष्ठ है, जीवन का अभिन्न अंग है,

औरत की खुशहाली से, जीवन संपन्न है।


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