Neha Pandey
Romance Classics
तुम रूठे हो उससे
या वो नाराज़ है तुमसे
इस बात का फ़ैसला
हो पाता अगर,
कोई एक मना लेता
किसी दूसरे को,
जमाना बदल सा गया है
वरना एक वक्त था,
हार कर भी
जीत मिल जाती थी,
अब कोई तैयार ही नहीं
जीत कर दिल हारने को।
यूं बर्फ़ सा ...
वजह तो होगी।
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रिश्ता है..प्यार का विश्वास का.. एक आस का एक खास का... रिश्ता है..प्यार का विश्वास का.. एक आस का एक खास का...
ना राधा ना रुक्मणी भक्ति का रस पाने मैं मीरा बन गई सांवरे मुझे मीरा तो बन जाने दो। ना राधा ना रुक्मणी भक्ति का रस पाने मैं मीरा बन गई सांवरे मुझे मीरा तो बन जा...
है! प्राण वल्लभ तुम हो, कहां तुम बिन है मन का आंगन सूना। है! प्राण वल्लभ तुम हो, कहां तुम बिन है मन का आंगन सूना।
तेरे बग़ैर भी ये सांसें चलती हैं , किसने कहा कि जीना छोड़ दिया मैंने। तेरे बग़ैर भी ये सांसें चलती हैं , किसने कहा कि जीना छोड़ दिया मैंने।
पलकों की भाषा समझकर कमबख्त, हम भी शरारती बन जाते है। पलकों की भाषा समझकर कमबख्त, हम भी शरारती बन जाते है।
जागकर अपनी रातें बिता लेंगे हम। मुझको रुत अब सुहानी नहीं चाहिए। जागकर अपनी रातें बिता लेंगे हम। मुझको रुत अब सुहानी नहीं चाहिए।
लाख छुपाने पर भी नहीं छुप पाते, निकल आते हैं टकराव, तकरार व जज्बात के आँसू। लाख छुपाने पर भी नहीं छुप पाते, निकल आते हैं टकराव, तकरार व जज्बात के आँसू।
एक डाल पर एक चिड़िया बोले कई -कई बार सुन भाई। एक डाल पर एक चिड़िया बोले कई -कई बार सुन भाई।
खुद तुम्हारे नाम के साथ उसी समुद्र में लिख - मिट जाऊँगा खुद तुम्हारे नाम के साथ उसी समुद्र में लिख - मिट जाऊँगा
ओढ़ सुनहरे सपनों की रंगीन खुशनुमा चादर , ओढ़ सुनहरे सपनों की रंगीन खुशनुमा चादर ,
बनारस की गलियों में साथ तेरे घूमना अभी बाकी है। बनारस की गलियों में साथ तेरे घूमना अभी बाकी है।
इस बार जब बारिश होगी तो चाय बनाना तुम। इस बार जब बारिश होगी तो चाय बनाना तुम।
तुम्हारे लिए बस प्रेम रस बरसाऊँगी तुम मुझे बस गुलमोहर ही रहने देना। तुम्हारे लिए बस प्रेम रस बरसाऊँगी तुम मुझे बस गुलमोहर ही रहने देना।
हरपल मैं तुझे ही याद करती रहूं, दिल के हर कोने में तू ही बसे। हरपल मैं तुझे ही याद करती रहूं, दिल के हर कोने में तू ही बसे।
हालात हों कैसे भी मुझे कुछ नहीं बस साथ तुम्हारा चाहिए। हालात हों कैसे भी मुझे कुछ नहीं बस साथ तुम्हारा चाहिए।
आम के अचार जैसी चटपटी भी उस शाम की रस माधुरी जैसी लज़ीज़ बातें .... आम के अचार जैसी चटपटी भी उस शाम की रस माधुरी जैसी लज़ीज़ बातें ....
सुनो तुम परेशान मत हुआ करो मैं बेशक दूर रहूं पर मैं तुम्हारा हूं। सुनो तुम परेशान मत हुआ करो मैं बेशक दूर रहूं पर मैं तुम्हारा हूं।
चलो अगली मुलाकात में ये काम करूंगी उन लम्हों को बातों को दिल में कैद करूंगी चलो अगली मुलाकात में ये काम करूंगी उन लम्हों को बातों को दिल में कैद करूंगी
देख कर उसकी बेबसी जो किसी को खो नहीं सकता था, देख कर उसकी बेबसी जो किसी को खो नहीं सकता था,