Independence Day Book Fair - 75% flat discount all physical books and all E-books for free! Use coupon code "FREE75". Click here
Independence Day Book Fair - 75% flat discount all physical books and all E-books for free! Use coupon code "FREE75". Click here

Anjali Rajak

Tragedy


4.6  

Anjali Rajak

Tragedy


'मुश्किल है बेटी होना'

'मुश्किल है बेटी होना'

1 min 346 1 min 346

मुझे सबकी जरूरत है

मैं क्या करूँ

किसी को मेरी जरूरत नहीं

इसलिए खुद से रूबरू करूँ

सब अपने ही तो है

मैं किनसे क्या कहूँ

बोलना पाप है

हम लड़कियों का

और सुनना संस्कार

सुनाना बेहयाई है

और मौन रहूं तो अहंकार

ज्यादा शिक्षित हुए

तो हम बेकार

कम शिक्षित हुए

तो हम गंवार

क्या करोगी लेकर

इतने ज्ञान का भंडार

अंत में चूल्हा-चौखा ही संभालना है

ऐसे दिए जाते है

परिवार में संस्कार

कर लेते है वे अपनी ज़िद्द पूरी

किसी भी तरह

वो चाहे डांट हो या मार-फटकार

दबे रह जाते है

हम इसी तरह

मन मारकर सहना पड़ता है सब कुछ

किसी न किसी तरह

कल माँ बनकर

फिर अपनी बेटी को दबाएंगे

मेरी जगह मैं सही

और उसे ही केवल गलत ठहराएंगे

आज आजादी चाहिए

कल खुद ही उन पर पाबंदी लगाएंगे

चलती रहेगी ये परम्परा इसी तरह

कोई कुछ नहीं कर सकता

इच्छाओं का कत्ल कल भी होगा

बेटियां पैरों तले और बेटा शीर्ष पर होगा ।

 


Rate this content
Log in

More hindi poem from Anjali Rajak

Similar hindi poem from Tragedy